रिपोर्ट - धीरेन्द्र सिंह

तीन लोक से न्यारी मथुरा नगरी में ट्रेन के माध्यम से बड़ी मात्रा में श्रद्धालुओं का आवागमन होता है, इसलिए यात्रियों की सुविधार्थ मथुरा के जंक्शन रेलवे स्टेशन पर समय समय पर तमाम तरह की सुविधाएं की जाती हैं, लेकिन यात्रियों के लिए तमाम सुविधाएं होने के बावजूद मथुरा जंक्शन पर रेल यात्रियों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, मथुरा जंक्शन रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 8 पर एक वीआईपी गेट का निर्माण कराया गया था, जिसका लोकार्पण सांसद हेमा मालिनी के द्वारा किया गया था, इस गेट के बनने के बाद यात्रियों को प्लेटफॉर्म नंबर 8, 9 और 10 पर जाने के लिए आसानी भी रहती थी, लेकिन अब इस गेट को बंद कर दिया गया है, वीआईपी गेट के बंद होने से रेल यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, यात्री गेट के बगल में लगी रेलिंग के नीचे से निकल कर प्लेटफॉर्म पर पहुंच रहे हैं

अब बताया यह जा रहा है कि इस गेट का निर्माण सिर्फ वीआईपी आगमन के लिए किया गया था, अब सवाल यह उठता है कि अगर गेट सिर्फ वीआईपी आगमन के लिए बनवाया गया था तो अब तक क्यों खुला हुआ था, इतने दिनों से रेलवे अधिकारियों ने इस गेट पर ध्यान क्यों नहीं दिया, क्या रेलवे को सिर्फ वीआईपी यात्रियों की ही चिंता है, क्या आम यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा रेलवे के लिए कोई मायने नहीं रखती, अगर रेलवे को वीआईपी की इतनी ही चिंता है तो अधिकतर वीआईपी सिर्फ वृन्दावन के बांके बिहारी मंदिर दर्शन करने के लिए आते हैं, ऐसे में वीआईपी की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए उनके लिए बांके बिहारी मंदिर तक एक अलग रेलवे ट्रैक का निर्माण करवा देना चाहिए, जिसके रेलवे अधिकारियों और वीआईपी को आसानी होगी

जब गेट बंद ही करना था तो इसका निर्माण ही क्यों करवाया गया, क्या रेलवे विभाग पर इतना फालतू पैसा है जो ऐसे गेट निर्माण कराता रहता है, क्या रेलवे को सिर्फ वीआईपी की चिंता है, आम रेल यात्रियों की नहीं, अब देखना होगा कि इस खबर के बाद रेलवे विभाग इस वीआईपी गेट को लेकर अपना अगला कदम क्या उठाता है, अब यह गेट खुलेगा या नहीं यह तो आने वाला वक्त ही बतायेगा