रिपोर्ट - धीरेन्द्र सिंह
वृंदावन के एक गुरुकुल में भारी लापरवाही ने चार होनहार छात्रों की जान ले ली है। पानी के टैंक की सफाई करने उतरे पांच छात्र जहरीली गैस की चपेट में आ गए, जिनमें से चार की दम घुटने से मौत हो गई है। यह खौफनाक हादसा मंगलवार रात करीब 10 बजे का है, चैतन्य विहार के पाणिनि संस्कृत गुरुकुलम में करीब 100 छात्र रहकर संस्कृत की पढ़ाई करते हैं।
बताया जा रहा है कि गुरुकुल के संचालक आचार्य आशीष ने छात्रों से परिसर के पीछे बने एक 12 फीट गहरे पानी के टैंक को साफ करने के लिए कहा था। यह टैंक पिछले एक साल से पूरी तरह बंद था, जिसके अंदर बेहद खतरनाक और जहरीली गैस बन चुकी थी। हादसा उस वक्त हुआ जब सबसे पहले मध्य प्रदेश का रहने वाला छात्र मनू कटारे टैंक का ढक्कन खोलकर अंदर उतरा। जहरीली गैस के कारण वह तुरंत बेहोश हो गया। उसे तड़पता देख, बाहर खड़े उसके साथी विशू, आर्यन, देवांश और रुद्राक्ष भी उसे बचाने के लिए एक-एक कर टैंक में उतर गए और सभी अंदर ही फंस गए। चीख-पुकार सुनकर दौड़े पड़ोसी कृष्णा तिवारी और अन्य लोगों ने भारी मशक्कत के बाद सभी को बाहर निकाला। लेकिन अस्पताल पहुंचने तक बहुत देर हो चुकी थी। अस्पताल में डॉक्टरों ने चार छात्रों को मृत घोषित कर दिया। जान गंवाने वाले छात्रों में जबलपुर के मनू कटारे (22) और देवांश शर्मा (17), मेरठ के विशू शर्मा (19) और प्रयागराज के आर्यन पांडेय (16) शामिल हैं। जबकि पांचवें छात्र रुद्राक्ष का इलाज अभी अस्पताल में चल रहा है।

इस दिल दहला देने वाली घटना पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गहरा दुख जताते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। हादसे के बाद गुरुकुल का संचालक आचार्य आशीष शर्मा मौके से फरार हो गया है। यही नहीं, बदनामी के डर से कुछ लोगों ने रात में ही गुरुकुल का नाम वाला बोर्ड तक हटाकर पहचान मिटाने की कोशिश की। मौके पर पहुंचे जिलाधिकारी चंद्रप्रकाश सिंह ने पूरी घटना की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दे दिए हैं और दोषियों पर सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की बात कही है। संस्कृत की शिक्षा लेने आए इन मासूम बच्चों को क्या पता था कि प्रबंधन की एक लापरवाही उनकी जान ले लेगी। पुलिस फरार संचालक की तलाश में दबिश दे रही है।
