कान्हा की नगरी मथुरा में समाजवादी पार्टी के नए जिलाध्यक्ष को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। बीते एक महीने से भी अधिक समय से खाली चल रहे जिलाध्यक्ष पद पर दिवाली के बाद पार्टी नेतृत्व मुहर लगा सकता है। कयास लगाए जा रहे हैं कि त्योहार के फौरन बाद सपा मुखिया अखिलेश यादव मथुरा संगठन की कमान किसी नए चेहरे को सौंप सकते हैं। वहीं, जिले की कमान अपने हाथ में लेने के लिए स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं ने लखनऊ में डेरा डाल दिया है।
मथुरा में समाजवादी पार्टी के संगठन को नया नेतृत्व मिलने की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। सूत्रों के मुताबिक, पार्टी हाईकमान दिवाली के बाद कभी भी नए जिलाध्यक्ष के नाम का आधिकारिक ऐलान कर सकता है। दरअसल, संगठन को धार देने और आगामी चुनावी रणनीतियों को मजबूती से जमीन पर उतारने के लिए पार्टी आलाकमान जल्द से जल्द जिले की कमान सौंपने की तैयारी में है।
गौरतलब है कि बीते एक माह से अधिक समय से मथुरा में जिलाध्यक्ष समेत पार्टी के तमाम महत्वपूर्ण पद रिक्त पड़े हुए हैं। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मथुरा की पूरी जिला कार्यकारिणी को भंग कर दिया था। इसके बाद से ही जिले में पार्टी नेतृत्व विहीन चल रही थी, जिसे लेकर संगठन स्तर पर लगातार मंथन का दौर जारी है।
इधर जिलाध्यक्ष की कुर्सी की रेस में आगे निकलने के लिए मथुरा से दर्जनों दावेदार और कार्यकर्ता पिछले कई दिनों से राजधानी लखनऊ में डेरा डाले हुए हैं। प्रदेश कार्यालय से लेकर वरिष्ठ नेताओं के आवासों तक पैरवी का दौर चल रहा है। हर दावेदार जातीय समीकरण, पार्टी के प्रति निष्ठा और जमीनी पकड़ का हवाला देकर शीर्ष नेतृत्व को साधने में जुटा है।

कार्यकारिणी भंग होने के बाद से ही मथुरा के सियासी गलियारों में यह चर्चा गर्म थी कि आखिर जिले की कमान किसके हाथों में होगी। अब दिवाली बाद स्थिति साफ होने के संकेत मिल रहे हैं। देखना दिलचस्प होगा कि अखिलेश यादव किसी पुराने और तपे-तपाए सिपहसालार पर भरोसा जताते हैं या फिर कान्हा की नगरी में किसी युवा और नए चेहरे को मौका देकर सबको चौंकाते हैं।
